चिली के उच्चतम न्यायालय ‘सीएई शुल्क’ (CAE fees) से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई कर रहा है। यह मामला छात्रों और बैंकों के बीच विवाद से संबंधित है, जहाँ छात्रों से विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा ‘पीएई’ (PAES) के लिए अनिवार्य ‘सीएई’ (CAE) शुल्क लिया गया था। छात्रों का तर्क है कि यह शुल्क गैरकानूनी था और बैंकों ने इसे अनुचित तरीके से वसूला। न्यायालय का यह निर्णय भविष्य में इसी तरह के मामलों के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है। इस मामले की सुनवाई चिली के न्याय प्रणाली के लिए एक ऐतिहासिक क्षण मानी जा रही है। ‘सीआईपीईआर चिली’ (CIPER Chile) ने इस मामले पर सबसे पहले रिपोर्ट प्रकाशित की थी। न्यायालय के फैसले का छात्रों और वित्तीय संस्थानों दोनों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा।