अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ट्रंप प्रशासन के हैती और सीरिया के हजारों प्रवासियों के लिए अस्थायी संरक्षित स्थिति (टीपीएस) रद्द करने के फैसले को बरकरार रखा है। इस फैसले से इन देशों के उन प्रवासियों का भविष्य अनिश्चित हो गया है जो पहले से ही अमेरिका में रह रहे थे। टीपीएस उन्हें देश में रहने और काम करने की अनुमति देता था, लेकिन अब उन्हें वापस अपने देश लौटने या निर्वासन का सामना करने की संभावना है। अदालत ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप को यह अधिकार था कि वे टीपीएस को समाप्त करें। इस मामले में, हैती और सीरिया के प्रवासियों ने तर्क दिया था कि ट्रंप प्रशासन का निर्णय नस्लवादी था और उन्होंने राजनीतिक शरण के लिए आवेदन किया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। यह फैसला उन हजारों प्रवासियों के लिए एक बड़ा झटका है जो वर्षों से अमेरिका में रह रहे हैं और अब उन्हें अपने भविष्य को लेकर चिंता है।