अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को डाक मतपत्रों पर कुछ सीमाएँ लगाने की अनुमति दे दी है। निचली अदालत के एक पूर्व आदेश को इस निर्णय के साथ पलट दिया गया है। यह मामला फ्लोरिडा राज्य से जुड़ा है, जहाँ ट्रम्प प्रशासन ने डाक मतपत्रों के लिए कुछ नियमों को कड़ा करने की कोशिश की थी। अदालत ने माना कि ट्रम्प प्रशासन के नियम उचित थे और उन्हें लागू किया जा सकता है। इस फैसले से आगामी चुनावों में डाक मतपत्रों के माध्यम से मतदान करने वाले मतदाताओं पर असर पड़ सकता है। विपक्षी दलों ने इस फैसले की आलोचना करते हुए इसे मतदान के अधिकार पर हमला बताया है। इस निर्णय पर आगे भी कानूनी चुनौतियाँ आने की संभावना है।