प्रधानमंत्री ने यूक्रेन संकट को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि रूस पर आक्रमण रोकने के लिए अंतिम समय में एक समझौते पर सहमति बन रही थी, लेकिन बाद में इसमें बदलाव कर दिया गया। प्रधानमंत्री ने समझौते के विवरण सार्वजनिक नहीं किए, लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि यह समझौता रूस की कुछ मांगों को स्वीकार करने पर आधारित था। इस खुलासे से यूक्रेन युद्ध को लेकर चल रही कूटनीतिक प्रयासों पर सवाल उठ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि रूस की आक्रामकता के कारण ही समझौता विफल हो गया। इस मामले पर विभिन्न देशों की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, और कई विश्लेषकों का मानना है कि यह खुलासा युद्ध की जटिलताओं को दर्शाता है। आगे की स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।
