सुबिन भट्टराई का ‘समर लव’ उपन्यास का मंच रूपांतरण, एटिट और साया के बीच की लोकप्रिय प्रेम कहानी को जीवंत करने का प्रयास करता है। यह प्रस्तुति उपन्यास की पुरानी यादों और किरदारों के बीच के रसायन को पकड़ने में सफल है। हालांकि, संगीत, नृत्य और अभिनय का अत्यधिक उपयोग अक्सर कहानी के भावनात्मक केंद्र को कमजोर कर देता है। आलोचकों का मानना है कि कुछ दृश्यों में कलाकारों ने भावनाओं को गहराई से व्यक्त करने में कमी दिखाई है। कुल मिलाकर, यह प्रस्तुति उपन्यास के प्रशंसकों को आकर्षित कर सकती है, लेकिन नाटकीय तत्वों की अतिशयता इसे कमज़ोर बना देती है। फिर भी, यह नेपाली साहित्य को मंच पर लाने का एक सराहनीय प्रयास है। यह नाटक प्रेम और पुरानी यादों के विषयों पर आधारित है।