मलेशिया के सुल्तान नज़रीन शाह ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों का इस्तेमाल युवाओं को नफरत और विभाजन फैलाने वाले विचारों से प्रभावित करने के लिए बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। सुल्तान ने धार्मिक कट्टरवाद को बढ़ावा देने में सोशल मीडिया के संभावित खतरे पर प्रकाश डाला। उनका मानना है कि ये प्लेटफॉर्म चरमपंथी विचारधाराओं को फैलाने और समाज में अशांति पैदा करने के लिए एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किए जा सकते हैं। उन्होंने युवाओं को इस तरह के हानिकारक प्रभावों से बचाने के लिए तत्काल कार्रवाई करने की आवश्यकता पर जोर दिया। सुल्तान नज़रीन शाह ने इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए, समाज के सभी वर्गों से मिलकर इस खतरे से निपटने का आह्वान किया है। यह चेतावनी मलेशिया में डिजिटल सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देती है।