इंडोनेशिया की भूवैज्ञानिक एजेंसी ने भूकंप से प्रभावित मध्य सुलावेसी प्रांत में भू-तरलीकरण (liquefaction) के उच्च जोखिम वाले कई क्षेत्रों का मानचित्रण किया है। यह मानचित्रण भविष्य में होने वाले भूकंपों के प्रभावों को कम करने और आपदा प्रबंधन प्रयासों को बेहतर बनाने के लिए किया गया है। एजेंसी ने मिट्टी की संरचना और भूकंपीय गतिविधि के आधार पर इन क्षेत्रों की पहचान की है। इन क्षेत्रों में इमारतों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने का खतरा अधिक है। स्थानीय निवासियों और अधिकारियों को इन जोखिम वाले क्षेत्रों के बारे में जानकारी दी जा रही है ताकि वे उचित सावधानी बरत सकें। यह पहल इंडोनेशिया में आपदा जोखिम न्यूनीकरण प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। भू-तरलीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें भूकंप के दौरान मिट्टी अपनी स्थिरता खो देती है, जिससे इमारतें धंस सकती हैं और भूमि खिसक सकती है।