सूफ़ी संत शेख़ इब्राहिम बिन अदहम के अनुसार, कई बार लोग यह सोचते हैं कि उनकी प्रार्थनाएँ क्यों स्वीकार नहीं हो रही हैं। बासरह के नागरिकों ने भी उनसे यही प्रश्न पूछा था। उन्होंने बताया कि प्रार्थनाएँ स्वीकार न होने के कई कारण हो सकते हैं। इन कारणों में शामिल हैं, अल्लाह के आदेशों का पालन न करना, पापों में लिप्त रहना, और दूसरों के प्रति अनादर दिखाना। इसके अतिरिक्त, प्रार्थना करते समय ईमानदारी और श्रद्धा की कमी, तथा अल्लाह पर पूर्ण विश्वास न होना भी प्रार्थना को स्वीकार होने से रोक सकता है। शेख़ इब्राहिम बिन अदहम ने यह भी बताया कि अल्लाह के प्रति कृतज्ञता व्यक्त न करना और दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार न करना भी प्रार्थनाओं के स्वीकार होने में बाधा बन सकते हैं। इन दस कारणों को दूर करके, एक व्यक्ति अपनी प्रार्थनाओं को अधिक प्रभावी बना सकता है।
