सूडान में युद्ध के कारण कई बच्चे बिना किसी कानूनी पहचान के पैदा हो रहे हैं। जन्म पंजीकरण के लिए माता-पिता की जानकारी और राष्ट्रीय पहचान संख्या की आवश्यकता होती है, लेकिन अक्सर पिता अनुपस्थित या अज्ञात होते हैं। इससे बच्चों को जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करने में अत्यधिक कठिनाई होती है। इन बच्चों को 'अदृश्य बच्चे' कहा जा रहा है, क्योंकि उनके पास कोई नागरिकता या कानूनी अधिकार नहीं हैं। यह स्थिति उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और अन्य बुनियादी अधिकारों से वंचित करती है। यह समस्या सूडान में दशकों से चल रहे संघर्षों के कारण और भी गंभीर हो गई है। इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने और इन बच्चों को कानूनी पहचान प्रदान करने की आवश्यकता है।