एमनेस्टी इंटरनेशनल ने एक रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि सूडानी अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्सेस (आरएसएफ) ने एल फाशर को कब्ज़े में लेने के अपने अभियान के दौरान मानवता के खिलाफ अपराध और जातीय सफाई की। रिपोर्ट के अनुसार, आरएसएफ़ ने नागरिकों के खिलाफ व्यापक और व्यवस्थित हमले किए, जिसमें हत्या, यातना, बलात्कार, दासता और यौन दासता जैसे जघन्य अपराध शामिल हैं। ये अपराध मानवता के खिलाफ अपराधों के अंतर्गत आते हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि इन कृत्यों का उद्देश्य विशेष जातीय समूहों को निशाना बनाना था। रिपोर्ट में एल फाशर में नागरिकों की भयावह स्थिति पर प्रकाश डाला गया है और इन अपराधों के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया है। संगठन ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से इस संकट को संबोधित करने और पीड़ितों को सहायता प्रदान करने का आग्रह किया है। यह रिपोर्ट सूडान में जारी संघर्ष की गंभीरता और नागरिकों पर इसके विनाशकारी प्रभाव को उजागर करती है।

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