सूडान के एल-ओबैद शहर में नागरिकों पर अत्याचार की आशंका जताई गई है, जिसके चलते नॉर्वे सहित लगभग 30 देशों ने चेतावनी जारी की है। Rapid Support Forces (RSF) नामक अर्धसैनिक बल पर नागरिकों के खिलाफ गंभीर अत्याचार करने का आरोप है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने भी इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है और इस ‘गंभीरता’ को रोकने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि RSF द्वारा पहले भी अन्य शहरों में युद्ध अपराध किए गए हैं और एल-ओबैद में भी ऐसा होने का खतरा है। एल-ओबैद की आबादी लगभग 500,000 है, जो इस खतरे के कारण विशेष रूप से असुरक्षित है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और हिंसा को रोकने के लिए प्रयास कर रहा है।