संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, सूडान में इस वर्ष की शुरुआत से अब तक ड्रोन हमलों में एक हज़ार से अधिक नागरिकों की जान जा चुकी है। पिछले तीन वर्षों से जारी युद्ध में ड्रोन युद्ध तकनीक का उपयोग तेज़ी से बढ़ा है, जिसे संयुक्त राष्ट्र ने “विश्व का सबसे भीषण मानवीय संकट” बताया है। फ़्रांस 24 के क्षेत्रीय संवाददाता बास्टियन रेनुइल के अनुसार, यह स्थिति युद्ध में एक महत्वपूर्ण बदलाव दर्शाती है। ड्रोन हमलों से नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं। सूडान में मानवीय सहायता पहुँचाने में भी कठिनाई हो रही है। इस संघर्ष के कारण लाखों लोग विस्थापित हुए हैं और उन्हें भोजन, पानी और चिकित्सा सहायता की सख्त ज़रूरत है। संयुक्त राष्ट्र इस हिंसा को रोकने और नागरिकों की रक्षा करने के लिए प्रयासरत है।
