स्टटगार्ट शहर को जर्मन रेल के सबसे असफल मेगा-प्रोजेक्ट से आने वाले वर्षों तक जूझना पड़ेगा। इस परियोजना की विफलता का असर यात्रियों, पूरे क्षेत्र और जर्मन रेल कंपनी पर पड़ेगा। यह परियोजना, जिसे स्टटगार्ट 21 के नाम से जाना जाता है, समय पर पूरी नहीं हो पाई है और इसकी लागत भी बहुत बढ़ गई है। इससे यात्रियों को यात्रा में देरी और असुविधा का सामना करना पड़ेगा। इस विफलता के कारण जर्मन रेल कंपनी को वित्तीय नुकसान भी उठाना पड़ेगा और उसकी प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंचेगी। क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। भविष्य में इस परियोजना को लेकर पुनर्विचार की आवश्यकता हो सकती है।