एक नए अध्ययन के अनुसार, घर पर होने वाले प्रसव में शिशु की मृत्यु का जोखिम अस्पताल में होने वाले प्रसव की तुलना में दोगुना है। अध्ययन में पाया गया कि घर पर प्रसव कराने वाली माताओं के बच्चों में जटिलताओं आने की संभावना अधिक होती है, जिसके कारण मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आपातकालीन स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता की कमी इस जोखिम का मुख्य कारण है। अस्पताल में प्रसव कराने पर प्रशिक्षित चिकित्सा पेशेवर मौजूद होते हैं जो जटिलताओं का तुरंत पता लगा सकते हैं और उनका समाधान कर सकते हैं। यह अध्ययन घर पर प्रसव के जोखिमों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षित प्रसव विकल्पों को बढ़ावा देने के महत्व पर प्रकाश डालता है। गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित रहने और अपने नवजात शिशु के लिए सर्वोत्तम संभव देखभाल सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल में प्रसव कराने पर विचार करने की सलाह दी जाती है। हालांकि, व्यक्तिगत परिस्थितियों के आधार पर निर्णय लिया जाना चाहिए।