साउथैम्पटन विश्वविद्यालय और ELTE के शोधकर्ताओं ने विभिन्न सामाजिक परिस्थितियों में यौन प्रस्तावों की सीमाओं को समझने के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन शुरू किया है। यह अध्ययन यह जानने का प्रयास करता है कि लोग यौन उत्पीड़न की शुरुआत को कहाँ मानते हैं। शोधकर्ता इस विषय पर लोगों की राय जानने के लिए डेटा एकत्र कर रहे हैं, जिसमें भारत से भी जानकारी प्राप्त करने की योजना है। इस अध्ययन का उद्देश्य यौन उत्पीड़न से संबंधित धारणाओं में सांस्कृतिक अंतरों को उजागर करना है। प्राप्त डेटा का उपयोग भविष्य में जागरूकता बढ़ाने और रोकथाम के उपायों को विकसित करने में किया जाएगा। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह अध्ययन यौन सहमति और सीमाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेगा। यह अध्ययन यौन उत्पीड़न के मामलों को समझने और संबोधित करने में मदद कर सकता है।