एक हालिया सर्वेक्षण से पता चला है कि जर्मनी में कई छात्र वित्तीय कठिनाइयों से जूझ रहे हैं। संघीय सरकार छात्रवृत्ति (Bafög) में सुधार के लिए संघर्ष कर रही है, ऐसे में छात्रों पर पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी करने का दबाव बढ़ रहा है। यह दबाव परीक्षाओं के तनाव के साथ मिलकर छात्रों के लिए एक गंभीर चुनौती बन गया है। सर्वेक्षण में पाया गया कि छात्रों को अपनी पढ़ाई के खर्चों को पूरा करने के लिए अक्सर अंशकालिक नौकरी करनी पड़ती है, जिससे उनके शैक्षणिक प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। वित्तीय समस्याओं के कारण छात्रों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है। सरकार इस मुद्दे पर विचार कर रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।