एक महत्वपूर्ण परीक्षा के दौरान, पैर में चोट लगने के कारण चलने-फिर सकने में असमर्थ एक छात्र को अजनबियों ने सहायता प्रदान की। लॉन्ग नामक इस छात्र को स्कूल के प्रवेश द्वार से लेकर तीसरी मंजिल पर स्थित परीक्षा कक्ष तक पहुंचने में कठिनाई हो रही थी। कई स्वयंसेवकों ने आगे बढ़कर छात्र को सहारा दिया और उसकी मदद की। इस मानवीय सहायता से छात्र का परीक्षा का तनाव कुछ कम हुआ। यह घटना परीक्षा केंद्र पर मौजूद अन्य छात्रों और लोगों के बीच सहानुभूति और एकजुटता का प्रतीक बन गई। स्वयंसेवकों के इस नेक कार्य ने समाज में सकारात्मक संदेश दिया है। छात्र ने भी इस मदद के लिए आभार व्यक्त किया है।