देश में स्कूली बच्चों और किशोरों के बीच ई-सिगरेट (वेपिंग) का चलन तेजी से बढ़ रहा है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और युवाओं को नशे की लत की ओर धकेल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस खतरे को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है। सरकार और स्कूलों को मिलकर जागरूकता अभियान चलाने चाहिए ताकि बच्चों को इसके दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी मिल सके। माता-पिता को भी अपने बच्चों पर ध्यान देना चाहिए और उन्हें इस खतरे से अवगत कराना चाहिए। इस समस्या से निपटने के लिए सख्त नियम और कानून भी बनाए जाने चाहिए। अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और जल्द ही उचित कार्रवाई करेंगे।
