রাজশাহী में विश्व साहित्य केंद्र द्वारा संचालित एक मोबाइल पुस्तकालय में বঙ্গবন্ধু शेख মুজিবুর रहमान, पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और আওয়ামী लीग सरकार से संबंधित पुस्तकों की मौजूदगी को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था। छात्रों के एक समूह ने पुस्तकालय वाहन को जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय ले जाकर आपत्ति जताई। जिला मजिस्ट्रेट काजी शहीदुल इस्लाम ने इसके बाद उन पुस्तकों को हटाने का आदेश दिया। यह घटना बुधवार को हुई। छात्रों का आरोप था कि पुस्तकालय में केवल सत्तारूढ़ दल से संबंधित साहित्य उपलब्ध कराया जा रहा था, जो निष्पक्षता के सिद्धांतों का उल्लंघन है। जिला प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने और सभी छात्रों के लिए पुस्तकालय को समावेशी बनाने के लिए त्वरित कार्रवाई की। इस मामले ने राजनीतिक दलों के बीच बहस छेड़ दी है।