पेरिस के लैटिन क्वार्टर में मई 1968 की यादें ताजा हो रही हैं। एक बार फिर, युवा पीढ़ी विरोध प्रदर्शन कर रही है। ये वही पीढ़ी है जो मजबूत जन्म दर के कारण अधिक संख्या में है। छात्रों का यह विरोध, उस ऐतिहासिक दौर की याद दिलाता है जब पूरे फ्रांस में व्यापक प्रदर्शन हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने “हथियार उठाओ, नागरिको!” का नारा लगाया, जो एक शक्तिशाली और उत्तेजक आह्वान है। यह घटना फ्रांसीसी समाज में सामाजिक और राजनीतिक अशांति की ओर इशारा करती है। यह देखना बाकी है कि यह आंदोलन किस दिशा में जाता है और इसका भविष्य क्या होगा।