प्रशांत महासागर में विकसित हो रहा एल नीनो सदी में सबसे शक्तिशाली होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले हफ्तों में यह वैश्विक मौसम के स्वरूप को बदल सकता है। एल नीनो की इस स्थिति के कारण दुनिया भर में तापमान में वृद्धि होने की आशंका है, जिससे सूखा, बाढ़ और तूफान जैसी चरम मौसम की घटनाओं में इजाफा हो सकता है। इस वर्ष के अंत तक इसकी तीव्रता चरम पर पहुंचने का अनुमान है। वैज्ञानिक इस घटना पर बारीकी से नजर रख रहे हैं ताकि इसके संभावित प्रभावों को बेहतर ढंग से समझा जा सके और तैयारी की जा सके। एल नीनो का प्रभाव कृषि, जल संसाधन और समग्र रूप से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।