एल नीनो की बढ़ती तीव्रता के कारण दुनिया भर में खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि होने की संभावना है। यह मौसमी बदलाव कृषि उत्पादन को प्रभावित कर सकता है, जिससे आपूर्ति कम हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि चावल, गेहूं और मक्का जैसी प्रमुख फसलों पर इसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ेगा। इससे खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं, खासकर विकासशील देशों में। एल नीनो के कारण सूखे और बाढ़ जैसी चरम मौसम की घटनाओं में वृद्धि होने की भी आशंका है, जो फसलों को और नुकसान पहुंचा सकती हैं। अंतर्राष्ट्रीय संगठन स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और संभावित प्रभावों को कम करने के लिए तैयारी कर रहे हैं। खाद्य कीमतों में संभावित वृद्धि से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।
