विशेषज्ञों का अनुमान है कि मध्य प्रशांत महासागर में तापमान में असामान्यताएं बढ़ेंगी। इसके परिणामस्वरूप आने वाले ठंड के महीनों में सामान्य बारिश और तापमान के पैटर्न में भारी बदलाव देखने को मिल सकता है। यह अल नीनो प्रभाव के कारण हो रहा है, जो एक जटिल मौसम प्रणाली है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बदलाव वैश्विक मौसम पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। इस वर्ष अल नीनो के प्रभाव के कारण कई क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ क्षेत्रों में सूखा भी पड़ सकता है। तापमान में भी महत्वपूर्ण वृद्धि होने की आशंका है, जिससे गर्मी की लहरें और अन्य चरम मौसम की घटनाएं बढ़ सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को संभावित प्रभावों के लिए तैयार रहने की सलाह दी है।
