अमेरिकी मौसम वैज्ञानिकों ने इस वर्ष एल नीनो की स्थिति के मजबूत होने की संभावना जताई है। यह स्थिति अब तक की सबसे प्रबल एल नीनो घटनाओं में से एक बन सकती है। इसके परिणामस्वरूप विश्व स्तर पर तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इससे गर्मी की लहरें और अधिक तीव्र हो सकती हैं। एल नीनो प्रशांत महासागर में समुद्री सतह के तापमान में होने वाला परिवर्तन है, जो वैश्विक मौसम पैटर्न को प्रभावित करता है। इस वर्ष इसकी तीव्रता विशेष रूप से चिंताजनक है क्योंकि यह पहले से ही गर्म हो रहे ग्रह को और अधिक गर्म कर सकती है। इससे सूखे और बाढ़ जैसी चरम मौसमी घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है।