अमेरिकी जलवायु एजेंसी ने प्रशांत महासागर में एल नीनो की पुष्टि की है, जो तीव्रता में बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह घटना 1950 के बाद से सबसे शक्तिशाली एल नीनो में से एक बन सकती है। एल नीनो समुद्री सतह के तापमान में वृद्धि की विशेषता है, जो दुनिया भर के मौसम के स्वरूपों को प्रभावित करती है। इससे तापमान में वृद्धि, वर्षा के पैटर्न में बदलाव और चरम मौसम की घटनाओं की संभावना बढ़ सकती है। इस घटना का कृषि, जल संसाधन और पारिस्थितिकी तंत्र पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की आशंका है। वैज्ञानिक एल नीनो के विकास और संभावित प्रभावों की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। वैश्विक स्तर पर इसके प्रभावों को कम करने के लिए तैयारी आवश्यक है।