इंडोनेशिया में डॉलर की मजबूती के कारण बाजार में आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ रही हैं। पारंपरिक बाजारों में खाद्य पदार्थों, विशेष रूप से लहसुन की कीमतों में वृद्धि देखी जा रही है। रुपये के कमजोर होने से आयातित वस्तुओं का मूल्य बढ़ गया है, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि बढ़ती कीमतों के कारण ग्राहकों की संख्या में कमी आई है, जिससे उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस स्थिति से छोटे व्यापारियों को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति निकट भविष्य में भी जारी रह सकती है, जब तक कि रुपये में सुधार नहीं होता। सरकार इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कदम उठा रही है, लेकिन अभी तक इसका कोई खास प्रभाव नहीं दिख रहा है।