ऊर्जा विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने के बावजूद, वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति को युद्ध से पहले के स्तर पर वापस लाने में कई महीने लग सकते हैं। आपूर्ति में पूर्ण बहाली तत्काल नहीं होगी। भू-राजनीतिक तनाव और समुद्री मार्ग में व्यवधानों के कारण तेल की कीमतों में अस्थिरता बनी रहने की आशंका है। विशेषज्ञ वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर इसके दीर्घकालिक प्रभाव का आकलन कर रहे हैं। आपूर्ति श्रृंखला में सुधार धीरे-धीरे होगा, जिससे उपभोक्ताओं को तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है। इस स्थिति में तेल उत्पादक देशों की उत्पादन क्षमता और वैकल्पिक आपूर्ति मार्गों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।