असाटीग द्वीप कभी एक बड़ा रिसॉर्ट क्षेत्र बनने वाला था, जहाँ हज़ारों घर, सड़कें और व्यवसायिक क्षेत्र बनने की योजना थी। लेकिन, दो शक्तिशाली तूफानों ने द्वीप के भविष्य को बदल दिया। 1933 में आये एक भीषण तूफान ने द्वीप को दो भागों में विभाजित कर दिया था, वहीं 1962 के ‘ऐश वेडनेसडे’ तूफान ने सड़कों और ढाँचों को नष्ट कर दिया। इसके बाद, 1965 में द्वीप को राष्ट्रीय समुद्री तट के रूप में संरक्षित किया गया, जिससे इसकी समुद्र तटों, वन्यजीवों और प्राकृतिक तटीय आवासों का संरक्षण हुआ। अब यह द्वीप अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, न कि एक विकसित रिसॉर्ट के रूप में। इस संरक्षण के कारण आज द्वीप अपनी अनूठी पारिस्थितिकी को बरकरार रखने में सफल रहा है।