पक्षी विज्ञानी चेतावनी दे रहे हैं कि सारस पक्षियों के प्रवास के लिए केवल दो सप्ताह शेष हैं। ऐसा माना जाता है कि ये पक्षी किसी प्रकार की छठी इंद्री से मौसम में बदलाव को महसूस कर लेते हैं। वैज्ञानिक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि जलवायु परिवर्तन सारस पक्षियों के इस प्राकृतिक चक्र को कैसे प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सारस पक्षी अक्सर प्रस्थान करने के लिए सबसे उपयुक्त समय का अनुमान लगाने में सटीक होते हैं। यह क्षमता उन्हें सफल प्रजनन और अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण है। यह जानकारी सारस पक्षियों के व्यवहार और पर्यावरण के प्रति उनकी संवेदनशीलता को उजागर करती है। शीघ्र प्रवास सारस संरक्षण प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण है।