हाल ही में प्रदर्शित फिल्म "בשם הבן" (बेशम हाबेन) से प्रेरित होकर, एडगार्डो मोर्टारा नामक एक यहूदी बच्चे के अपहरण की कहानी सामने आई है। यह बच्चा गुप्त रूप से बपतिस्मा लेने के बाद अपने परिवार से अलग कर लिया गया था। इस घटना ने पूरे यूरोप में एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय विवाद खड़ा कर दिया था। मोर्टारा का अपहरण 1930 के दशक में हुआ था, जब इटली में फासीवादी शासन था और यहूदियों के खिलाफ भेदभाव बढ़ रहा था। इस मामले ने धार्मिक स्वतंत्रता, पारिवारिक अधिकारों और राजनीतिक दबाव जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर किया। फिल्म इस जटिल और हृदयविदारक कहानी को दर्शाती है, जो एक बच्चे के भाग्य और उसके परिवार के संघर्ष को दिखाती है। यह घटना उस समय के सामाजिक और राजनीतिक माहौल का भी प्रतिबिंब है।