राज्य प्रोटोकॉल संपत्ति प्रशासन (RAAPPS) द्वारा लिए जाने वाले किराए की सूचियाँ पूरी जानकारी नहीं देती हैं। विश्लेषण से पता चलता है कि सरकारी संपत्तियों में रहने वाले गणमान्य व्यक्तियों के किराए की जानकारी छिपाई जा रही है। सार्वजनिक दस्तावेजों से होटल गतिविधियों और राष्ट्रीय रक्षा एवं सुरक्षा संस्थानों को दी गई संपत्तियों को हटा दिया गया है। PSD सांसदों द्वारा वास्तविक मूल्य से काफी कम किराए का भुगतान किया जा रहा है, जो एक चौथाई से भी कम है। इस मामले में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं और जनता को सही जानकारी नहीं मिल पा रही है। यह खुलासा RAAPPS की कार्यप्रणाली और सरकारी संपत्तियों के आवंटन पर चिंता पैदा करता है। इस मुद्दे पर आगे जांच की मांग की जा रही है।