सरकारी कंपनी अंसैप (Ancap) के दिवालिया होने के कारण आम नागरिकों से वसूले गए करोड़ों डॉलर के करों में भारी गबन हुआ है। यह धन सार्वजनिक कोष से अवैध रूप से निकाला गया। इस मामले में जनता के पैसे का दुरुपयोग शामिल है, जिससे करदाताओं को नुकसान हुआ है। अंसैप के पतन की परिस्थितियों ने इस गबन को संभव बनाया। अधिकारियों ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। यह घटना वित्तीय अनियमितताओं और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग को लेकर चिंताएं बढ़ाती है। इस गबन के कारण सरकार पर जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ गया है।