पिछले वर्ष, सरकारी कंपनियों ने कुल 60 करोड़ दिनार का लाभ राज्य के खजाने में जमा किया। यह राशि पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम है, जब राजस्व अधिक था। सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह विभिन्न कारकों का परिणाम हो सकता है। सरकार इस स्थिति का मूल्यांकन कर रही है और राजस्व बढ़ाने के लिए संभावित उपायों पर विचार कर रही है। यह गिरावट राज्य के बजट पर प्रभाव डाल सकती है, इसलिए सरकार को सावधानीपूर्वक योजना बनानी होगी। इस मुद्दे पर आगे की जानकारी जल्द ही जारी की जाएगी। यह राशि राज्य के विकास कार्यों के लिए महत्वपूर्ण थी।