नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ( Comptroller and State Auditor) मतनयाहू एंगेलमैन ने आज अदालती आदेश के कारण अप्रकाशित रिपोर्टों से जुड़े विवाद पर पहली बार प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि रिपोर्टों को प्रकाशित करने के लिए उनसे क्या हटाने के लिए कहा गया था। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद ये रिपोर्टें सार्वजनिक नहीं की जा सकी थीं। एंगेलमैन ने बताया कि उन्हें कुछ विशिष्ट सामग्री हटाने का अनुरोध किया गया था ताकि रिपोर्ट को जारी किया जा सके। इस मामले ने राजनीतिक हलचलों को जन्म दिया है और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए गए हैं। एंगेलमैन की प्रतिक्रिया से इस विवाद को लेकर और अधिक जानकारी मिलने की उम्मीद है। यह मामला अब सार्वजनिक जांच के दायरे में आ सकता है।
