कान 11 की पत्रकार, शली तफेरो ने सरकारी वकील अमित इस्मान के एक भाषण पर तीखी टिप्पणी की है। तफेरो ने इस्मान पर आरोप लगाया कि उन्होंने कानून सम्मेलन में दिए अपने भाषण में स्थिति को बेहतर दिखाने की कोशिश की। उन्होंने इस्मान के बयान को “कम शब्दों में, सब कुछ बढ़िया है” के रूप में वर्णित किया और कहा कि कोई भी लोकलुभावन निर्णय नहीं लिया जा रहा है। तफेरो ने इस बयान पर व्यंग्य करते हुए जनता को ‘मूर्ख’ बताया। इस टिप्पणी से विवाद उत्पन्न हो गया है और कानूनी हलकों में बहस छिड़ गई है। तफेरो की टिप्पणी को इस्मान और उनके कार्यालय की आलोचना के रूप में देखा जा रहा है। यह घटना इजराइल की न्यायपालिका और मीडिया के बीच संबंधों पर प्रकाश डालती है।
