स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के गणितज्ञ जारेड ड्यूकर लिच्टमैन को एक अप्रत्याशित ईमेल प्राप्त हुआ जिसमें एर्डोस की समस्या 1196 का उत्तर था। यह एक दशकों पुरानी पहेली थी जिस पर वह काम कर रहे थे। एर्डोस की समस्या गणित जगत में एक प्रसिद्ध और जटिल चुनौती थी। लिच्टमैन को उम्मीद नहीं थी कि इस समस्या का समाधान किसी शौक़ीन व्यक्ति द्वारा किया जाएगा। ईमेल प्राप्त होने के बाद, उन्होंने समाधान की पुष्टि की और पाया कि यह सही था। इस घटना ने गणितीय अनुसंधान में अप्रत्याशित स्रोतों से आने वाले योगदान के महत्व को उजागर किया है। यह साबित करता है कि प्रतिभा और समस्या-समाधान कौशल किसी भी पृष्ठभूमि के व्यक्ति में हो सकते हैं।