स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग करके एक नया वायरस बनाया है, जो ई. कोलाई बैक्टीरिया को खत्म करने में सक्षम है। यह पहली बार है जब AI का उपयोग करके पूरी तरह से नया वायरस डिजाइन किया गया है। हालाँकि यह सफलता बैक्टीरिया से लड़ने के नए तरीके खोल सकती है, लेकिन इसने जैविक सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तकनीक का दुरुपयोग करके घातक वायरस बनाए जा सकते हैं। इस खोज ने AI द्वारा संचालित जैव-इंजीनियरिंग के नैतिक और सुरक्षा निहितार्थों पर बहस छेड़ दी है। शोधकर्ताओं का कहना है कि वे सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं, लेकिन दुरुपयोग की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। भविष्य में इस तकनीक के उपयोग के लिए सख्त नियम और निगरानी की आवश्यकता है।