स्टैण्डर्ड बैंक के साथ अनुबंध नवीनीकरण को लेकर एक सेवानिवृत्त वित्तीय सलाहकार द्वारा की गई याचिका श्रम न्यायालय ने खारिज कर दी है। सलाहकार ने पहले CCMA (Commission for Conciliation, Mediation and Arbitration) में भी अपनी बात रखी थी, लेकिन वहां भी उसे सफलता नहीं मिली। न्यायालय ने CCMA के पूर्व निर्णय को बरकरार रखा है, जिसका अर्थ है कि सलाहकार का अनुबंध समाप्ति के संबंध में कोई राहत नहीं मिल पाएगी। यह मामला अनुबंध की शर्तों और समाप्ति प्रक्रियाओं से जुड़ा था। अदालत ने माना कि बैंक ने अनुबंध समाप्त करने में कोई गलती नहीं की है। इस फैसले से स्टैण्डर्ड बैंक के पक्ष में मामला सुलझ गया है और सलाहकार की याचिका खारिज हो गई है। यह निर्णय अन्य समान मामलों के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है।