बोस्नियाई सर्ब जनरल रात्को म्लादिच, जिन्हें 1995 के स्रेब्रेनिका नरसंहार के लिए दोषी ठहराया गया था, का 84 वर्ष की आयु में हेग में निधन हो गया। म्लादिच को अंतर्राष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल फॉर द फ़ॉर्मर यूगोस्लाविया (ICTY) द्वारा मानवता के खिलाफ अपराधों, युद्ध अपराधों और नरसंहार के लिए दोषी ठहराया गया था। उन पर स्रेब्रेनिका में 8,000 से अधिक बोस्नियाई मुसलमानों की हत्या का आदेश देने का आरोप था। म्लादिच को 2017 में ICTY द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। उनकी मृत्यु ने बाल्कन युद्धों के पीड़ितों और उत्तरजीवियों के लिए एक लंबे और दर्दनाक अध्याय को समाप्त किया है। म्लादिच की विरासत विवादित बनी हुई है, कुछ लोग उन्हें नायक मानते हैं जबकि अन्य उन्हें एक युद्ध अपराधी मानते हैं। उनकी मृत्यु अंतरराष्ट्रीय न्याय और जवाबदेही के महत्व की याद दिलाती है।