सरकार ने विस्थापितों के डिजिटल सत्यापन की प्रक्रिया को एक बार फिर शुरू कर दिया है। इस नए डेटा संग्रह अभियान का मुख्य उद्देश्य उन परिवारों की पहचान करना है जो पहले से पंजीकृत हैं। यह प्रक्रिया विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जो वर्तमान में होल्डिंग सेंटरों से बाहर रह रहे हैं। यह कदम राहत राशि के भुगतान की समय सीमा नजदीक आने के कारण उठाया गया है। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सहायता राशि सही लाभार्थियों तक पहुंचे। इस डिजिटल सत्यापन से डेटा की सटीकता और पारदर्शिता बढ़ेगी। विस्थापित परिवारों को अब जल्द ही वित्तीय सहायता मिलने की उम्मीद है।
