खेल कानून सोसायटी (स्पोर्टजस) ने ज़ोल्टन सिलागी का समर्थन करने का फैसला किया है और हंगरी ओलंपिक समिति (एमओबी) में अपना प्रतिनिधि नहीं भेजेगा। यह निर्णय एमओबी के अध्यक्ष द्वारा नियमों में बदलाव करने के प्रयास के बाद लिया गया है, जिसका उद्देश्य लिलीना सिलागी के पिता को सदस्य बनाना है, जिन्हें नैतिक रूप से दोषी ठहराया गया है। सोसायटी का मानना है कि यह बदलाव अनुचित है और सिलागी के पिता की सदस्यता को सुविधाजनक बनाने का प्रयास है। इस कदम से एमओबी के भीतर चल रहे विवाद और पारदर्शिता की कमी पर प्रकाश पड़ता है। स्पोर्टजस ने इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए एमओबी के निर्णय का विरोध किया है। यह घटना हंगरी के खेल जगत में नैतिकता और जवाबदेही के महत्व पर बहस को जन्म दे सकती है। सोसायटी का यह निर्णय एमओबी के कार्यों के प्रति असंतोष व्यक्त करता है।
