स्पेन में, सर्वोच्च न्यायालय की अध्यक्ष पेरेलो ने न्यायिक वर्ष के उद्घाटन समारोह में सरकार द्वारा न्यायाधीशों पर की जा रही आलोचनाओं का जवाब दिया है। उन्होंने “संस्थागत वफ़ादारी” की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। पेरेलो ने कहा कि न्यायाधीशों की सार्वजनिक आलोचना को दबाव बनाने के उपकरण के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। यह बयान स्पेन की राजनीति में न्यायपालिका की स्वतंत्रता और सरकार के साथ उसके संबंधों को लेकर चल रही बहस के बीच आया है। उनका यह बयान न्यायिक हस्तक्षेप के खिलाफ एक स्पष्ट संदेश है। उन्होंने सभी संस्थाओं से एक दूसरे के प्रति सम्मान बनाए रखने का आग्रह किया ताकि कानून का शासन बना रहे। पेरेलो ने न्यायपालिका की भूमिका की रक्षा करने और उसकी स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के महत्व को रेखांकित किया।