स्पेन की सरकार ने ‘केसो कोल्डो’ मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। सरकार का आरोप है कि यह फैसला उन आरोपियों के खिलाफ गवाही देने के लिए दबाव बनाने का संदेश है जो सोशलिस्ट वर्कर्स पार्टी (PSOE) से जुड़े हैं। हालांकि, सरकार ने फैसले के उस पहलू पर भी नाराजगी जताई है जिसमें एक भ्रष्ट व्यक्ति को हल्की सजा दी गई है, जिसे सरकार ‘हल्के में लिया जाना’ मानती है। सरकार का कहना है कि फैसले से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई कमजोर होगी। इस मामले में, कोविड-19 महामारी के दौरान स्वास्थ्य सामग्री की खरीद में अनियमितताओं के आरोप लगे थे। सुप्रीम कोर्ट ने कुछ आरोपियों को दोषी ठहराया है, लेकिन सरकार का मानना है कि सजा पर्याप्त नहीं है और फैसले में निष्पक्षता का अभाव है। इस फैसले से स्पेन की राजनीति में तनाव बढ़ गया है और विपक्ष ने सरकार पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।