स्‍पेसएक्स कंपनी का एक रॉकेट पिछले साल से अंतरिक्ष में तैर रहा था और बुधवार सुबह जल्‍द ही चांद से टकराने की संभावना थी। यह रॉकेट का दूसरा हिस्‍सा है, जो जनवरी 2025 में फायरफ्लाई एयरोस्पेस के लूनर लैंडर को चांद की ओर ले गया था। लगभग चार टन वजनी यह रॉकेट करीब 5,400 मील प्रति घंटे की रफ़्तार से टकराया। हालांकि, चांद की परिक्रमा कर रहे किसी भी यान के पास इस घटना को लाइव देखने की स्थिति नहीं थी। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस टकराव से चांद की धूल का एक बादल उठेगा, जिसे नंगी आंखों से देखना मुश्किल होगा। अमेरिकी महाद्वीपों में मौजूद दूरबीनों से ली गई तस्वीरों का अध्ययन करने के बाद ही वैज्ञानिक इस बात की पुष्टि कर पाएंगे। स्‍पेसएक्स का कहना है कि यह टकराव अनजाने में हुआ है और रॉकेट का टुकड़ा आइंस्टीन क्रेटर के पास टकराया होगा।