परिवहन मंत्रालय ने घोषणा की है कि दक्षिणी शटल सेवा के लिए फिलहाल डीजल इंजनों का उपयोग किया जाएगा। यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी जब तक कि सेवा के लिए निर्धारित इलेक्ट्रिक ट्रेनें नहीं आ जातीं। मंत्रालय के अनुसार, यह एक अस्थायी उपाय है। इलेक्ट्रिक ट्रेनों के आगमन में हो रही देरी के कारण यह कदम उठाया गया है। इससे यात्रियों को दक्षिणी शटल सेवा में कुछ समय के लिए डीजल ट्रेनों का अनुभव होगा। अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रिक ट्रेनों के आने के बाद, डीजल इंजनों को अन्य मार्गों पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इस बदलाव से सेवा की गुणवत्ता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
