दक्षिण कोरिया की सत्तारूढ़ पार्टी, डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ कोरिया, ने पूर्व ग्योंगगी प्रांत के अधिकारी ली ह्वा-यंग के हालिया फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी का कहना है कि यह फैसला दर्शाता है कि ली ह्वा-यंग की जांच राजनीतिक रूप से प्रेरित थी और अभियोजन पक्ष ने उन्हें निशाना बनाया था। ली ह्वा-यंग को ‘सामन शराब पार्टी’ से जुड़े मामले में झूठी गवाही देने के आरोप में दोषी ठहराया गया है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने इस फैसले को लेकर निराशा व्यक्त की है और आरोप लगाया है कि अभियोजन पक्ष ने जानबूझकर ली ह्वा-यंग को फंसाया है। विपक्षी पार्टी, पीपुल्स पावर पार्टी, ने इस आलोचना को खारिज करते हुए कहा है कि वे जनता की राय को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। इस मामले ने दक्षिण कोरियाई राजनीति में तनाव बढ़ा दिया है और आगे की कानूनी कार्यवाही की उम्मीद है। यह मामला भ्रष्टाचार और राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों से घिरा हुआ है।