दक्षिण कोरिया के वैज्ञानिकों ने एक पतली और लचीली “इलेक्ट्रॉनिक त्वचा” विकसित की है। यह त्वचा स्पर्श, दबाव और निकटता को महसूस कर सकती है, बिना किसी भौतिक संपर्क के भी। यह नई तकनीक रोबोटिक्स, स्मार्ट कृत्रिम अंगों और पहनने योग्य उपकरणों में क्रांति ला सकती है। इस नवाचार से इंसानों और मशीनों के बीच सुरक्षित बातचीत को बढ़ावा मिलेगा। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह विकास रोबोटों को अधिक मानवीय संवेदनशीलता प्रदान करेगा। इस ‘इलेक्ट्रॉनिक त्वचा’ के अनुप्रयोग स्वास्थ्य सेवा और औद्योगिक स्वचालन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में हो सकते हैं। यह तकनीक भविष्य में अधिक उन्नत और संवेदनशील रोबोट बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।