दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली ने 19 तारीख को चुनाव आयोग में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया, और यहां तक कि संविधान संशोधन का प्रस्ताव भी रखा। राष्ट्रपति ली का मानना है कि चुनाव आयोग में व्यापक सुधार आवश्यक है। उन्होंने आयोग की संरचना और कार्यों में बदलाव लाने की बात कही है। इस कदम से राजनीतिक हलचलों को गति मिल सकती है। राष्ट्रपति ली के इस प्रस्ताव पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह प्रस्ताव किस रूप में आगे बढ़ता है और दक्षिण कोरियाई राजनीति पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है।