दक्षिण कोरियाई बैंकों ने शेयर बाजार में तेजी के कारण बढ़ते ऋण-आधारित निवेश (빚투 - bit-tu) को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। बैंकों ने क्रेडिट लोन की सीमा कम कर दी है और नए लोन के आवेदन पर भी प्रतिबंध लगाए हैं। यह कदम निवेशकों द्वारा उधार लिए गए धन से शेयर बाजार में निवेश करने की बढ़ती प्रवृत्ति को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बाजार में अस्थिरता पैदा कर सकता है। बैंकों का कहना है कि वे वित्तीय प्रणाली की स्थिरता बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई कर रहे हैं। इस कदम से व्यक्तिगत निवेशकों और समग्र अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह अभी देखना बाकी है। यह कार्रवाई बाजार में सट्टेबाजी को कम करने और जोखिम को कम करने के लिए की गई है।