राष्ट्रपति कार्यालय ने सोन बोंग-की को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने के लिए संसद में सहमति के लिए प्रस्ताव भेजने का निर्णय वापस ले लिया है। इसके बजाय, राष्ट्रपति कार्यालय ने नियुक्ति प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का अनुरोध किया है। यह निर्णय तब आया जब सोन बोंग-की की उम्मीदवारी को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया था। विपक्ष ने उनकी पिछली टिप्पणियों और विवादास्पद फैसलों को लेकर आपत्तियां जताई थीं। राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि वह इस मामले पर सावधानीपूर्वक विचार कर रहा है और एक ऐसे उम्मीदवार का चयन करने का इरादा रखता है जो सभी पक्षों के लिए स्वीकार्य हो। इस कदम से न्यायिक नियुक्ति प्रक्रिया में राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर बहस छिड़ सकती है। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि राष्ट्रपति कार्यालय कब सोन बोंग-की की उम्मीदवारी को फिर से प्रस्तुत करेगा।